Friday, July 27, 2018

एक प्रेरक बोध कथा A motivational perception story

मैं एक घर के करीब से गुज़र रहा था की अचानक से मुझे उस घर के अंदर से एक बच्चे की रोने की आवाज़ आई। उस बच्चे की आवाज़ में इतना दर्द था कि अंदर जा कर वह बच्चा क्यों रो रहा है, यह मालूम करने से मैं खुद को रोक ना सका।

अंदर जा कर मैने देखा कि एक माँ अपने दस साल के बेटे को आहिस्ता से मारती और बच्चे के साथ खुद भी रोने लगती। मैने आगे हो कर पूछा बहनजी आप इस छोटे से बच्चे को क्यों मार रही हो? जब कि आप खुद भी रोती हो।

उस ने जवाब दिया भाई साहब इस के पिताजी भगवान को प्यारे हो गए हैं और हम लोग बहुत ही गरीब हैं, उन के जाने के बाद मैं लोगों के घरों में काम करके घर और इस की पढ़ाई का खर्च बामुश्किल उठाती हूँ और यह कमबख्त स्कूल रोज़ाना देर से जाता है और रोज़ाना घर देर से आता है।

जाते हुए रास्ते मे कहीं खेल कूद में लग जाता है और पढ़ाई की तरफ ज़रा भी ध्यान नहीं देता है जिस की वजह से रोज़ाना अपनी स्कूल की वर्दी गन्दी कर लेता है। मैने बच्चे और उसकी माँ को जैसे तैसे थोड़ा समझाया और चल दिया।

इस घटना को कुछ दिन ही बीते थे की एक दिन सुबह सुबह कुछ काम से मैं सब्जी मंडी गया। तो अचानक मेरी नज़र उसी दस साल के बच्चे पर पड़ी जो रोज़ाना घर से मार खाता था। मैं क्या देखता हूँ कि वह बच्चा मंडी में घूम रहा है और जो दुकानदार अपनी दुकानों के लिए सब्ज़ी खरीद कर अपनी बोरियों में डालते तो उन से कोई सब्ज़ी ज़मीन पर गिर जाती थी वह बच्चा उसे फौरन उठा कर अपनी झोली में डाल लेता।

मैं यह नज़ारा देख कर परेशानी में सोच रहा था कि ये चक्कर क्या है, मैं उस बच्चे का चोरी चोरी पीछा करने लगा। जब उस की झोली सब्ज़ी से भर गई तो वह सड़क के किनारे बैठ कर उसे ऊंची ऊंची आवाज़ें लगा कर वह सब्जी बेचने लगा। मुंह पर मिट्टी गन्दी वर्दी और आंखों में नमी, ऐसा महसूस हो रहा था कि ऐसा दुकानदार ज़िन्दगी में पहली बार देख रहा हूँ ।

अचानक एक आदमी अपनी दुकान से उठा जिस की दुकान के सामने उस बच्चे ने अपनी नन्ही सी दुकान लगाई थी, उसने आते ही एक जोरदार लात मार कर उस नन्ही दुकान को एक ही झटके में रोड पर बिखेर दिया और बाज़ुओं से पकड़ कर उस बच्चे को भी उठा कर धक्का दे दिया।

वह बच्चा आंखों में आंसू लिए चुप चाप दोबारा अपनी सब्ज़ी को इकठ्ठा करने लगा और थोड़ी देर बाद अपनी सब्ज़ी एक दूसरे दुकान के सामने डरते डरते लगा ली। भला हो उस शख्स का जिस की दुकान के सामने इस बार उसने अपनी नन्ही दुकान लगाई उस शख्स ने बच्चे को कुछ नहीं कहा।

थोड़ी सी सब्ज़ी थी ऊपर से बाकी दुकानों से कम कीमत। जल्द ही बिक्री हो गयी, और वह बच्चा उठा और बाज़ार में एक कपड़े वाली दुकान में दाखिल हुआ और दुकानदार को वह पैसे देकर दुकान में पड़ा अपना स्कूल बैग उठाया और बिना कुछ कहे वापस स्कूल की और चल पड़ा। और मैं भी उस के पीछे पीछे चल रहा था।

बच्चे ने रास्ते में अपना मुंह धो कर स्कूल चल दिया। मै भी उस के पीछे स्कूल चला गया। जब वह बच्चा स्कूल गया तो एक घंटा लेट हो चुका था। जिस पर उस के टीचर ने डंडे से उसे खूब मारा। मैने जल्दी से जा कर टीचर को मना किया कि मासूम बच्चा है इसे मत मारो। टीचर कहने लगे कि यह रोज़ाना एक डेढ़ घण्टे लेट से ही आता है और मै रोज़ाना इसे सज़ा देता हूँ कि डर से स्कूल वक़्त पर आए और कई बार मै इस के घर पर भी खबर दे चुका हूँ।

खैर बच्चा मार खाने के बाद क्लास में बैठ कर पढ़ने लगा। मैने उसके टीचर का मोबाइल नम्बर लिया और घर की तरफ चल दिया। घर पहुंच कर एहसास हुआ कि जिस काम के लिए सब्ज़ी मंडी गया था वह तो भूल ही गया। मासूम बच्चे ने घर आ कर माँ से एक बार फिर मार खाई। सारी रात मेरा सर चकराता रहा।

सुबह उठकर फौरन बच्चे के टीचर को कॉल की कि मंडी टाइम हर हालत में मंडी पहुंचें। और वो मान गए। सूरज निकला और बच्चे का स्कूल जाने का वक़्त हुआ और बच्चा घर से सीधा मंडी अपनी नन्ही दुकान का इंतेज़ाम करने निकला। मैने उसके घर जाकर उसकी माँ को कहा कि बहनजी आप मेरे साथ चलो मै आपको बताता हूँ, आप का बेटा स्कूल क्यों देर से जाता है।

वह फौरन मेरे साथ मुंह में यह कहते हुए चल पड़ीं कि आज इस लड़के की मेरे हाथों खैर नही। छोडूंगी नहीं उसे आज। मंडी में लड़के का टीचर भी आ चुका था। हम तीनों ने मंडी की तीन जगहों पर पोजीशन संभाल ली, और उस लड़के को छुप कर देखने लगे। आज भी उसे काफी लोगों से डांट फटकार और धक्के खाने पड़े, और आखिरकार वह लड़का अपनी सब्ज़ी बेच कर कपड़े वाली दुकान पर चल दिया।

अचानक मेरी नज़र उसकी माँ पर पड़ी तो क्या देखता हूँ कि वह  बहुत ही दर्द भरी सिसकियां लेकर लगातार रो रही थी, और मैने फौरन उस के टीचर की तरफ देखा तो बहुत शिद्दत से उसके आंसू बह रहे थे। दोनो के रोने में मुझे ऐसा लग रहा था जैसे उन्हों ने किसी मासूम पर बहुत ज़ुल्म किया हो और आज उन को अपनी गलती का एहसास हो रहा हो।

उसकी माँ रोते रोते घर चली गयी और टीचर भी सिसकियां लेते हुए स्कूल चला गया। बच्चे ने दुकानदार को पैसे दिए और आज उसको दुकानदार ने एक लेडी सूट देते हुए कहा कि बेटा आज सूट के सारे पैसे पूरे हो गए हैं। अपना सूट ले लो, बच्चे ने उस सूट को पकड़ कर स्कूल बैग में रखा और स्कूल चला गया।

आज भी वह एक घंटा देर से था, वह सीधा टीचर के पास गया और बैग डेस्क पर रख कर मार खाने के लिए अपनी पोजीशन संभाल ली और हाथ आगे बढ़ा दिए कि टीचर डंडे से उसे मार ले। टीचर कुर्सी से उठा और फौरन बच्चे को गले लगा कर इस क़दर ज़ोर से रोया कि मैं भी देख कर अपने आंसुओं पर क़ाबू ना रख सका।

मैने अपने आप को संभाला और आगे बढ़कर टीचर को चुप कराया और बच्चे से पूछा कि यह जो बैग में सूट है वह किस के लिए है। बच्चे ने रोते हुए जवाब दिया कि मेरी माँ अमीर लोगों के घरों में मजदूरी करने जाती है और उसके कपड़े फटे हुए होते हैं कोई जिस्म को पूरी तरह से ढांपने वाला सूट नहीं और और मेरी माँ के पास पैसे नही हैं इस लिये अपने माँ के लिए यह सूट खरीदा है।

तो यह सूट अब घर ले जाकर माँ को आज दोगे? मैने बच्चे से सवाल पूछा। जवाब ने मेरे और उस बच्चे के टीचर के पैरों के नीचे से ज़मीन ही निकाल दी। बच्चे ने जवाब दिया नहीं अंकल छुट्टी के बाद मैं इसे दर्जी को सिलाई के लिए दे दूँगा। रोज़ाना स्कूल से जाने के बाद काम करके थोड़े थोड़े पैसे सिलाई के लिए दर्जी के पास जमा किये हैं।

टीचर और मैं सोच कर रोते जा रहे थे कि आखिर कब तक हमारे समाज में गरीबों और विधवाओं के साथ ऐसा होता रहेगा उन के बच्चे त्योहार की खुशियों में शामिल होने के लिए जलते रहेंगे आखिर कब तक।

क्या ऊपर वाले की खुशियों में इन जैसे गरीब विधवाओंं का कोई हक नहीं ? क्या हम अपनी खुशियों के मौके पर अपनी ख्वाहिशों में से थोड़े पैसे निकाल कर अपने समाज मे मौजूद गरीब और बेसहारों की मदद नहीं कर सकते।

आप सब भी ठंडे दिमाग से एक बार जरूर सोचना ! ! ! !

और हाँ अगर आँखें भर आईं हो तो छलक जाने देना संकोच मत करना..

अगर हो सके तो इस लेख को उन सभी सक्षम लोगो को बताना  ताकि हमारी इस छोटी सी कोशिश से किसी भी सक्षम के दिल मे गरीबों के प्रति हमदर्दी का जज़्बा ही जाग जाये और यही लेख किसी भी गरीब के घर की खुशियों की वजह बन जाये।

अगर आपको रोना आ जाये कहानी पढ कर तो शेयर जरूर करना ताकि अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिले।

जन्म पत्री मृतक की है या जीवित की Birth certificate is dead or alive

कभी- कभी कुछ लोग उपहास के तौर पर ज्योतिष के जानकार (astro)के पास जाते हैं, और मरे हुए व्यक्ति कि जन्मपत्री दिखा कर उसका भविष्य पूछते हैं।

जन्म पत्री मृतक की है या जीवित की, अर्थात कुंडली देख कर ये ज्ञात करना कि जातक जिन्दा है या गत हो चुका है।

इसमें जन्म लग्न, अष्टम स्थान की राशि और प्रश्न लग्न इन तीनो की संख्या को जोड़ कर जन्मकुंडली के अष्टमेश की राशि संख्या से गुणा कर के लग्नेश की राशि संख्या से भाग देने पर विषम अंक - 1,3,5,7,9,11 शेष रहे तो जीवित की और सम अंक - 2,4,6,8,10,12 शेष रहे तो मृतक की जन्म पत्रिका होती है।

उदहारण : प्रश्न लग्न तुला, जन्म लग्न मीन और अष्टमेश की राशि 9, लग्नेश की राशि 5

7 (प्रश्न लग्न) + 12 (जन्म लग्न) + 7 ( अष्टम स्थान की राशि ) = 26 × 9 ( अष्टमेश की राशि ) = 234 ÷ 5 ( लग्नेश की राशि ) = 46 लब्ध 4 शेष

अतएव मृतक की जन्म पत्रिका है ।

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प्रश्न विचार

Thursday, July 26, 2018

27 जुलाई 2018 गुरु पूर्णिमा को पूर्ण चन्द्र ग्रहण

27 जुलाई 2018
गुरु पूर्णिमा को पूर्ण चन्द्र ग्रहण
गुरु पूर्णिमा को पूर्ण चन्द्र ग्रहण लग रहा है जो पूरे देश मे दिखाई देगा।इसके अतिरिक्त इस ग्रहण को अन्टार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, रूस के दूरस्थ उत्तरीभाग को छोड़ कर अफ्रीका, यूरोप,एशिया, दक्षिण अमेरिका के मध्य और पूर्वी भाग से देखा जा सकेगा।
भारतीय मानक समयानुसार चन्द्र ग्रहण का स्पर्श अथवा प्रारम्भ रात में 11:54 मिनट पर होगा।ग्रहण का मध्य समय 01:52मिनट पर रहेगा तथा रात 03:49 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा।रात 01:00 बजे से लेकर रात 02:43 मिनट तक यह खग्रास की अवस्था में रहेगा जिसमें पूरा चन्द्रमा ढँका रहेगा।
यह ग्रहण उत्तराषाढ़ा एवं श्रवण नक्षत्र पर होगा।तथा इसका सूतक काल 02:54मिनट दोपहर से प्रारम्भ हो जाएगा।
वृष, मिथुन, कर्क, तुला,धनु,मकर,कुम्भ राशि वालों को यह ग्रहण चिन्ता या नुकसान दायक रहेगा।
तथा मेष,सिंह,वृश्चिक, और मीन राशि वालों को यह ग्रहण शुभ फल दायक होगा।
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Tuesday, July 4, 2017

प्रश्न विचार Question idea

कभी-कभी लोग सच मे प्रश्न पूछते हैं, तो कभी आपको बना रहे होते हैं, कि देखे आप समझ पाते हैं या नही।
तो पूछने के आधार पर आप निम्न सूत्र को अपना कर जान सकते हैं कि सामने वाला जो प्रश्न कर रहा है वो बात सच है या झूठ?

● यह बात सच है या झूठ?
Is this thing true or false?

वार+योग+नक्षत्र×तिथि=  +4
-----------------------------------=शेष
                       3
शेष 1 सच बात,2 से झूठी,0 से कच्ची।।

वार, योग,नक्षत्र मिलावो।तिथि से गुनि पुनि चार मिलावो।।
भाग तीन का तब दै देहु।मिथ्या सत्य विचार कहेउ।।
एक बचे सच बात मान लो।दो से बिल्कुल झूठ जानलो।।
शून्य बचे तो पहिले  सच्ची।पीछे झूठी सो अब कच्ची।।
**********************************

● वृष्टि कब होगी?
When will the rain?

वर्तमान नक्षत्र×2
-------------=शेष
          3
1 शेष तत्काल वृष्टि।
2 शेष कुछ समय बाद।
0 शेष वृष्टि नही होगी।
*********************************

● इससे धन मिलेगा या नही?
Will it get money or not?

प्रभु(जिस नाम से विचार करना है) नामाक्षर तिगुण करि, निज नामाक्षर फेर।
तिन भाग दे जानु धन बहुत मिलो या थोर।
एक बचे धन प्राप्ति बतावे,दुई दमड़ी नही भेंट करावे।।
*********************************
• कार्य कब होगा?

कार्य कब होगा, ऐसा प्रश्न होने पर प्रश्न दिवस की तिथि, वार, नक्षत्र की संख्या का योग करें तथा योग संख्या में तीन का गुणा करें, प्राप्त फल में छः और जोड़े।
अब पुनः प्राप्त फल में नौ का भाग देवें, एक शेष बचने पर एक पक्ष में, दो शेष में मास, तीन शेष में ऋतु, चार शेष रहते छः माह, पांच में एक दिन, छः में एक रात, सात में तीन घंटे में या एक प्रहर में, आठ में यथा समय में (तत्काल), और शून्य शेष रहते शीघ्र कार्य समाधान बने।
उदाहरण- 
प्रश्न- 22/06/2025 को किसी ने प्रश्न किया कि मेरा अमुक कार्य कब तक होगा?
उत्तर- विक्रम संवत् २०८२ शक संवत् १९४७ आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, रविवार दिन, भरणी नक्षत्र।
12+1+2=15 प्राप्त फल में तीन का गुणा किया, 6 जोड़े और 9 का भाग दिया।
15×3=45+6=51÷9=6 शेष 
अर्थात् एक रात में कार्य हो जाएगा।
*************************
• अंक प्रश्न प्रतिफल 
प्रश्नकर्ता से प्रश्न करते समय 108 संख्या के भीतर कोई अंक कहावे।
प्राप्त अंक संख्या को 12 से भाग देवें तथा शेष 1- 7- 9 रहे तो विलंब से कार्य हो,
4- 5- 8- 10 बचे तो निष्फल गति, 
11 बचे तो सिद्धि,
0- 2- 3- 6- 12 शेष रहे तो कार्य सिद्ध होगा।
******************************

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Friday, June 16, 2017

आपका लकी मोबाइल नंबर कैसे जानें how to know Your lucky mobile number

अपनी राशि के अनुसार चुने अपना मोबाइल नम्बर

अंक ज्‍योतिष  में अंको का विशेष महत्‍व होता है। चाहे वह आपके जन्‍म की तारीख हो या फिर आपके जन्म का समय। इसी तरह से आपका मोबाइल नंबर भी अंको पर ही आधारित होता है।
अब सबसे पहले आप अपने दस नंबर के मोबाइल नंबर को जांच लीजिए। मान लीजिए आपका फोन नंबर 955455**** है। अब हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे जाने ये नंबर आपके लिए सही है या नहीं।
सबसे पहले इस मोबाइल नंबर के सभी अंको को आपस में जोड़ लीजिए। उसके बाद जो योग प्राप्‍त हो उसे तब तक आपस में जोड़ते रहिए जब तक आपको कोई इकाई का नंबर नहीं मिल जाता। दरअसल यही इकाई का नंबर ही आपकी राशि के मुताबिक आपका लकी नंबर है।
955455**** = 9+5+5+4+5+5+*+*+*+* = अब मान लीजिए इसका योग आपको 47 मिला
47 = 4+7 = 11
अब हमें मिला 11, इसे फिर से आपस में जोड़ देंगे।
11 = 1+1 = 2
इस तरह से आपका लकी नंबर 2 आपको मिल गया। अब अंक ज्‍योतिष के मुताबिक हम आपको बता रहे हैं कि आपके मोबाइल नंबर का योग कितना आना चाहिए। अगर आपकी राशि के मुताबिक ही आपके मोबाइल नंबर का योग आपको मिल जाता है तो वह नंबर आपके लिए सही है अन्‍यथा आपको नंबर बदलने की जरूरत है।

मेष – इस राशि के जातकों के लिए 4 और 7 नंबर शुभ बताया गया है।
वृषभ – इस राशि के जातकों के लिए 5 और 8 नंबर शुभ माना जाता है।
मिथुन – इस राशि के जातकों के लिए 6 और 9 नंबर शुभ बताया गया है।
कर्क – इस राशि के जातकों के लिए 8 और 9 नंबर शुभ बताया गया है।
सिंह – इस राशि के जातकों के लिए 2 और 4 नंबर शुभ बताया गया है।
कन्या – इस राशि के जातकों के लिए 5 और 8 नंबर शुभ बताया गया है।
तुला – इस राशि के जातकों के लिए 1 और 7 नंबर शुभ बताया गया है।
वृश्चिक – इस राशि के जातकों के लिए 4 और 5 नंबर शुभ बताया गया है।
धनु – इस राशि के जातकों के लिए 9 और 8 नंबर शुभ बताया गया है।
मकर – इस राशि के जातकों के लिए 4 और 9 नंबर शुभ बताया गया है।
कुंभ – इस राशि के जातकों के लिए 2 और 7 नंबर शुभ बताया गया है।
मीन – इस राशि के जातकों के लिए 6 और 8 नंबर शुभ बताया गया है।

कष्ट शान्ति के लिये मन्त्र सिद्धान्त

कष्ट शान्ति के लिये मन्त्र सिद्धान्त Mantra theory for suffering peace

कष्ट शान्ति के लिये मन्त्र सिद्धान्त  Mantra theory for suffering peace संसार की समस्त वस्तुयें अनादि प्रकृति का ही रूप है,और वह...