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Tuesday, January 20, 2026

उद्देश्य की खोज में ही न खप जाएं Don't get lost in the pursuit of purpose

 उद्देश्य की खोज में ही न खप जाएं
Don't get lost in the pursuit of purpose






जीवन में उद्देश्यों (मक़सदों) का होना हमें काम करने के लिए प्रेरित करता है और हमारे काम को दिशा देता है।
परंतु हर समय अपने उद्देश्य/मकसदों के पीछे भागना हमें बुरी तरह थका देता है।
कई बार हम अपने जीवन को इतने उद्देश्यों से भर देते हैं कि प्रेरित करने वाला उद्देश्य हमारे ही विपरीत चला जाता है। 
यहां तक कि अच्छी मंशा से किए जाने वाले कामों की अति भी हमें शारीरिक और भावनात्मक रूप से थका देती है।
हमारे उद्देश्य हमें स्वयं से जोड़ते हैं, दूर नहीं करते।
हमारे उद्देश्य हमारे जीवन में सहजता लाते हैं। इसमें जल्दबाजी, लेन-देन या किसी भी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए।
कभी कभी हम अपने उद्देशों को जल्दबाजी में निर्धारित कर लेते हैं।
अगर अपनी पसन्द का कार्य करते हुए भी लगातार थकान महसूस कर रहे हैं तो संकेत है कि अब पीछे हटने का समय है।
उद्देश्य को अपनी पहचान या उपयोगिता न बनाएं।
उद्देश्य को ही अपना महत्व मानने वाले लोग अपने अनुभव को तनावपूर्ण बना लेते हैं। और लगातार एक काम से दूसरे काम के पीछे दौड़ते रहते हैं।
केवल उपलब्धि से आप अपने अतीत के घाव नहीं भर सकते हैं।
अतीत के प्रति सामान्य रूप से प्रयास करना चाहिए और जो कमी/आघात/घाव हो उसे दूर करने हेतु आवश्यक उपाय करने चाहिए। इसके बाद भी न हो तो उससे दूरी बनाए और उसे समय पर छोड़ दें।
परिणाम को सोचे बिना अपना काम करने में खुशी प्राप्त होगी।
जो लक्ष्य, उद्देश्य, मकसद तय कर लिया है उसके साथ आगे बढ़ने में खुशी महसूस नहीं कर रहे हैं तो उस पर पुनः विचार करें।
।। जय श्री कृष्ण।।

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